This is an Open Access and Peer-Review based Bi-lingual journal
(Hindi and English). Its aim is to encourage interdisciplinary research and
provide a platform for innovation and innovative research in the concerned
areas of studies. In this journal, research papers written in Hindi and English
on topics related to Social Studies, language, literature and other allied
fields, are published.
In the present prevailing situation in the field of research,
writing and publication of papers, a need is felt for a new journal to
encourage genuine research and intensive study by publishing such papers.
Maintaining the quality of the papers necessitates that the journal should be
of international standard. In today's time, the importance and usefulness of
research have increased and at the same time, the authenticity of the research is
also equally important. On the other hand, plagiarism has emerged as a major
problem in today's time in this regard. This journal takes extreme care to
avoid such problems in its publications.
The journal has a team of experts of the related subjects, who
meticulously study the manuscripts for several times and apprise the author(s)
of their suggestions. The Journal has its own core committee, which examines
the research papers on the basis of several relevant points before the final
publication. Articles published in the journal, are expected to have new
approaches wherever possible.
हमारे बारे में
यह एक ओपन एक्सेस और
पीयर-रिव्यू (पूर्व-समीक्षित) आधारित द्विभाषी जर्नल (हिंदी और अंग्रेजी) है। इसका उद्देश्य
अंतःविषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और अध्ययन के संबंधित क्षेत्रों में नवाचार
और नवीन अनुसंधान के लिए एक मंच प्रदान करना है। इस पत्रिका में सामाजिक अध्ययन, भाषा, साहित्य और अन्य संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर हिंदी और अंग्रेजी
में लिखे गए शोध-पत्र प्रकाशित होते हैं।
शोध, लेखन और शोध-पत्रों के प्रकाशन के क्षेत्र में वर्तमान स्थिति में ऐसे शोध
पत्रों के प्रकाशन द्वारा वास्तविक शोध और गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए
एक नए जर्नल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पत्रों की गुणवत्ता बनाए रखने के
लिए यह आवश्यक है कि पत्रिका अंतरराष्ट्रीय स्तर की होनी चाहिए। आज के समय में
अनुसंधान का महत्व और उपयोगिता बढ़ गई है और साथ ही शोध की प्रामाणिकता भी उतनी ही
महत्वपूर्ण है। वहीं दूसरी ओर इस संबंध में साहित्यिक चोरी आज के समय में एक बड़ी
समस्या बनकर उभरी है। यह पत्रिका अपने प्रकाशनों में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए
अत्यधिक सावधानी बरतती है।
पत्रिका में संबंधित
विषयों के विशेषज्ञों की एक टीम है, जो कई बार पांडुलिपियों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करते
हैं और लेखकों को उनके सुझावों से अवगत कराते हैं। जर्नल की अपनी कोर कमेटी है,
जो अंतिम प्रकाशन से पहले कई प्रासंगिक बिंदुओं के आधार पर शोध-पत्रों की जांच करती है। जर्नल में प्रकाशित शोध-पत्रों से जहां भी संभव हो, नए दृष्टिकोणों की अपेक्षा की जाती है।